बोचांग ब्रॉडचेन के मुताबिक, 16 अप्रैल से क्लॉड ने चुपके से पहचान सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कुछ उपयोगकर्ताओं को अब विशेष सुविधाओं का इस्तेमाल करने, प्लेटफ़ॉर्म की सुरक्षा जाँच में भाग लेने या नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सरकारी पहचान पत्र और रियल-टाइम सेल्फी जमा करनी होगी।
इस कदम के साथ ही क्लॉड मुख्यधारा के AI चैटबॉट्स में पहचान सत्यापन लागू करने वाला पहला प्लेटफ़ॉर्म बन गया है।
एंथ्रोपिक का कहना है कि सत्यापन के लिए एकत्र किए गए डेटा का इस्तेमाल सिर्फ�� उपयोगकर्ता की पहचान की पुष्टि के लिए किया जाता है, और फ़िलहाल यह प्रक्रिया केवल उन्हीं संदिग्ध खातों पर लागू होती है जहाँ धोखाधड़ी या नियमों का उल्लंघन होने की आशंका हो।
यह पहचान सत्यापन सिस्टम पार्टनर कंपनी पर्सोना के तकनीकी समर्थन पर चलता है, जहाँ सत्यापन डेटा एन्क्रिप्टेड रूप में पर्सोना के सर्वर पर स्टोर रहता है और मॉडल ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता।
इस फ़ैसले से गोपनीयता को लेकर सजग उपयोगकर्ताओं के एक वर्ग में नाराज़गी देखने को मिली है।
