मूल लेखक: माइल्स डॉयचर
मूल लेख का अनुवाद: TechFlow intern
अमेरिका औपचारिक रूप से तकनीकी मंदी में प्रवेश कर चुका है। इसकी वजह है दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर का -0.9% रहना। आइए पिछली पांच मंदियों पर नज़र डालें और समझें कि इस बार क्या अलग हो सकता है।
मंदी की परिभाषा : "एक अस्थायी आर्थिक मंदी की अवधि, जिसमें व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियाँ कम हो जाती हैं, और जो अक्सर लगातार दो तिमाहियों में GDP के गिरने से प्रकट होती है।"
आर्थिक मंदी दो प्रकार की होती है:
मंदी (Recession) : अपेक्षाकृत लंबे समय तक चलने वाली आर्थिक मंदी।
तकनीकी मंदी (Technical Recession) : लगातार दो तिमाहियों में GDP में गिरावट आना।
आज जारी GDP आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका अब 'तकनीकी मंदी' के दायरे में आ चुका है।
1. 1980 - 1982 की मंदी
इस दौरान दो मंदियाँ आईं, जिनमें 1982 की सबसे गंभीर थी।
• अवधि: कुल 22 महीने
• S&P 500 का प्रदर्शन: -25%
• सुधार में लगा समय: 15 महीने

यह मंदी फेडरल रिजर्व द्वारा मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने के कारण आई। उच्च ब्याज दरों ने विनिर्माण और निर्माण जैसे उधार-आधारित क्षेत्रों पर दबाव डाला, जिससे मंदी की स्थिति पैदा हो गई। यह स्थिति आज के हालात से काफी मिलती-जुलती लगती है।
2. 1990 - 1991
इसे "फ्लैश रिसेशन" माना जाता है, जिसमें तेज, V-आकार की बाजार वापसी देखी गई (2020 के COVID क्रैश जैसी):
• अवधि: 9 महीने
• S&P 500 का प्रदर्शन: -25%
• सुधार में लगा समय: 9 महीने

3. 2001 (डॉट-कॉम बबल)
1990 के दशक में अमेरिकी टेक शेयरों की अत्यधिक मांग ने बाजार पूंजीकरण को काफी ऊँचा चढ़ा दिया, जिससे एक बुलबुला बना और आखिरकार 2001 में वह फूट गया।
• अवधि: 8 महीने
• नैसडैक प्रदर्शन: -71%
• सुधार में लगा समय: 14 वर्ष (S&P 500: 7 वर्ष)

2001 का यह पतन काफी गंभीर था, जिसमें S&P 500 और नैसडैक को पुराने स्तर पर लौटने में क्रमशः 7 और 14 साल लग गए। कुछ विश्लेषकों ने क्रिप्टोकरेंसी के उच्च मूल्यांकन की तुलना 90 के दशक के अंत के टेक स्टॉक्स से की है।
4. 2008 (महामंदी)
यह इतिहास की सबसे गंभीर वित्तीय मंदियों में से एक थी, जिसकी शुरुआत 2006 में सब-प्राइम ऋण संकट से हुई थी।
• अवधि: 18 महीने
• S&P 500 प्रदर्शन: -55%
• सुधार में लगा समय: 4 वर्ष

इसके चलते बैंकों, हेज फंड्स और बीमा कंप���ियों को गंभीर तरलता संकट का सामना करना पड़ा। अक्टूबर 2008 में, अमेरिकी कांग्रेस ने बैंकों को बचाने के लिए 700 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज को मंजूरी दी। इसके बाद, वैश्विक मंदी को टालने के लिए 787 अरब डॉलर की आर्थिक प्रोत्साहन योजना लागू की गई।
5. 2020 (कोविड-19 संकट)
वैश्विक महामारी ने अल्पकालिक गिरावट तो पैदा की, लेकिन अभूतपूर्व मौद्रिक नीतियों ने V-आकार की तेज रिकवरी को जन्म दिया।
• अवधि: 4 महीने
• S&P 500 का प्रदर्शन: -35%
• रिकवरी अवधि: 6 महीने

महामारी के बाद अपनाई गई आक्रामक मौद्र���क नीतियों को देखते हुए, वर्तमान परिदृश्य बेहद अलग है। ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि पिछली आर्थिक मंदियों के दौरान, यदि आपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में नकारात्मक वृद्धि वाली तिमाही में निवेश किया और GDP के पुनरुद्धार शुरू होने पर मुनाफा बुक किया, तो आपको औसतन 31% का रिटर्न मिला।
अब तक, मौद्रिक नीतियों और मंदी की अवधि व गंभीरता का मेल 1982 की मंदी से सबसे अधिक मिलता-जुलता लगता है, जिसमें रिकवरी में 15 महीने लगे थे।
संदर्भ के तौर पर: जनवरी 2022 के पिछले शिखर से अब तक 6.8 महीने बीत चुके हैं।
गैरेथ सोलोवे का मानना है कि आर्थिक मंदी की पुष्टि शेयर बाजार और Bitcoin के लिए अल्पकालिक रूप से फायदेमंद हो सकती है, क���योंकि अब फेडरल रिजर्व बड़े पैमाने पर ब्याज दरें नहीं बढ़ा सकता। हालांकि, हमें आर्थिक मंदी के मैक्रोइकॉनॉमिक आधारभूत नुकसान को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करते समय।
