बोचांग ब्रॉडचेन को मिली जानकारी के अनुसार, जे.पी. मॉर्गन के 4 अप्रैल के विश्लेषण से पता चलता है कि 2026 की पहली तिमाही में डिजिटल संपत्तियों की ओर धन प्रवाह लगभग 11 अरब डॉलर रहा। यह राशि 2025 की समान अवधि के प्रवाह का लगभग एक-तिहाई है, जो बाजार की गति में स्पष्ट रूप से कमी को दर्शाता है।
मौजूदा रफ्तार के हिसाब से अगर पूरे साल का अनुमान लगाया जाए, तो 2026 में कुल धन प्रवाह करीब 44 अरब डॉलर हो सकता है। यह 2025 के लगभग 130 अरब डॉलर के ऐतिहासिक उच्च स्तर से काफी नीचे है।
धन के स्रोतों की बात करें तो, इस तिमाही में मुख्य प्रवाह कॉर्पोरेट बैलेंस शीट आवंटन (खासकर स्ट्रैटेजी जैसी कंपनियों की बिटकॉइन की लगातार खरीदारी) और क्रिप्टो वेंचर फंडिंग से आया। वहीं, पारंपरिक निवेशकों—चाहे वे संस्थागत हों या खुदरा—की भागीदारी में साफ तौर पर कमी देखी गई।
इसके अलावा, CME बिटकॉइन फ्यूचर्स की स्थिति भी कमजोर हुई है, जो संस्थागत मांग के पिछड़ने का संकेत देती है। जनवरी में स्पॉट बिटकॉइन और एथेरियम ETF से धन बाहर की ओर गया, हालांकि मार्च में कुछ हद तक सुधार हुआ, लेकिन समग्र स्थिति अभी भी निर्बल ही है।
विश्लेषण के मुताबिक, मौजूदा बाजार की खासियत "कुछ बड़े फंड प्रदाताओं का दबदबा" है, न कि व्यापक स्तर पर धन प्रवाह की वापसी।
