बोचांग ब्रॉडचेन को मिली जानकारी के अनुसार, 21 मार्च को क्रिप्टोक्वांट के विश्लेषक डार्कफॉस्ट ने एक पोस्ट में बताया कि बाइनेंस और अन्य प्रमुख केंद्रीकृत एक्सचेंजों (CEX) पर अल्टकॉइन्स का ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी गिर गया है। यह निवेशकों की बढ़ती उदासीनता को दर्शाता है।
भले ही बेयर मार्केट लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अल्टकॉइन्स का प्रदर्शन बिटकॉइन के मुकाबले काफी फीका रहा है।
आंकड़े बताते हैं कि बाइनेंस पर अल्टकॉइन्स का कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम फिलहाल करीब 7.7 अरब अमेरिकी डॉलर है, जबकि अन्य प्रमुख एक्सचेंजों पर यह कुल मिलाकर लगभग 18.8 अरब अमेरिकी डॉलर है। यह 2025 के अक्टूबर से 2026 के फरवरी के बीच की सक्रिय ट्रेडिंग अवधि के मुकाबले काफी कम है, जब बाइनेंस पर ट्रेडिंग वॉल्यूम 40 से 50 अरब अमेरिकी डॉलर और अन्य एक्सचेंजों पर कुल मिलाकर 63 से 91 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच दर्ज किया गया था।
बाजार हिस्सेदारी के लिहाज से, बाइनेंस फिलहाल अल्टकॉइन्स के कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम का करीब 40% हिस्सा रखता है। मतलब, अल्टकॉइन्स के हर दो डॉलर के ट्रेड में से एक डॉलर का लेन-देन इसी प्लेटफॉर्म पर हो रहा है।
विश्लेषकों के मुताबिक, ट्रेडिंग वॉल्यूम के पिछले ऊंचे स्तर अक्सर बाजार के स्थानीय शिखर दौरान देखे गए हैं, जो FOMO (डर के कारण ऊंचे स्तरों पर खरीदारी) की भावना से जुड़े होते हैं और निवेशकों को लिक्विडिटी निकालने का मौका देते हैं।
डार्कफॉस्ट का कहना है कि हालांकि मौजूदा बाजार माहौल अनुकूल नहीं है, लेकिन यह आंकड़ा गौर करने लायक है। ऐतिहासिक अनुभव बताता है कि सबसे आकर्षक निवेश के मौके अक्सर तब आते हैं जब बाजार में दिलचस्पी कम होती है और ज्यादातर निवेशक साइडलाइन पर बैठे देख रहे होते हैं।
