区块链+疫情抗击:把数据晒在阳光下

ब्लॉकचेन + महामारी रोकथाम: डेटा को सूर्य के प्रकाश में लाना

BroadChainBroadChain04/02/2020, 05:23 pm
यह सामग्री AI द्वारा अनुवादित है
सारांश

ब्लॉकचेन की सहायता से, चाहे सामग्री दाता से प्राप्तकर्ता तक कितने भी चरणों से गुजरे, उसे रिकॉर्ड किया जा सकता है।

(作者张楠迪扬为人民大学国家发展与战略研究院青岛分院院长,公共管理学院副教授)

这些天,网络上出现了对武汉红十字会的质问。

人们质问红会,捐了那么多东西,怎么还缺?是捐的不够,还是派发不利?虽然有报道显示九州通协助武汉红会医疗物资管理,派发效率得到改善,但捐赠总量有多少,符合保准的又有多少?派发改善后,对一线医院的供给情况如何?这些数据仍是一个问号。

一、对抗信息社会的原始状态:我们需要完整、真实、可信的信息

为获得对事实的完整认知,人们要求信息:完整、真实可信。而海量信息的原始面貌恰恰不能满足这个要求,多呈现出的状态是:碎片化、可信度参差不齐。这为人们获取完整的事实带来了巨大挑战。

“碎片化”指信息与数据来自多种不同渠道,而这些渠道并没有有机整合在一起,以各自喜爱的方式和表达风格,自由自在地为信息海洋添砖加瓦。这本身没有什么错,信息社会的原始面貌本就如此。但当需要获知事件的全貌,或一个相对完整的片段时,原始状态的信息则很难直接服务于这个需求。

更为危险的是,人们不会因为原始信息处于碎片化状态,就放弃获取信息的需求。特别是面对突发事件,人群中弥漫的集体焦虑会加剧对真实信息的渴求程度,从而加速整合碎片化信息的速度。当缺乏可及的技术工具时,人们通常会采取最原始的方式拼接碎片。

这就是我们在此次疫情中看到的诸多传言。为形成对局面的完整认知,人们将零碎舆论、传言、和各种官方渠道,主流媒体平台消息拼接在一起。拼接不上,对接不整齐之处,难免靠想象和猜测填补缝隙。当想象和猜测也无法填补逻辑链条断裂的时候,这个断裂就很可能成为滋生恐慌和谣言的温床。

“可信度”指信息被人们信赖的程度。对于可信度不足,或不辩真伪的信息,即便再完整,也可能是无效信息,还可能会造成混淆视听的负面影响。此次人们对红会的质疑便是如此。虽然利用红会接收物资在理论上比民间零散接收更有效率,但当红会面临信任危机,这些理论上的优势会很大程度上受到削弱,那么红会提供的对完整图景的解释,虽然在逻辑链条上是完整的,可信度却受到很大质疑。

危机时刻,除了完整、真实可信,人们对信息的要求还包括实时性。危机情形瞬息万变,静态、滞后的信息,显然不能无法满足人们对危机发展走向的把握,既不能有效服务政府决策,也不便于公众知情和监督。

应对疫情,我们不仅需要多部门的数据和信息,还需要了解全过程的信息;不仅需要全过程信息,也需要实时信息。同时需要这些信息可以开放给社会查询,保证信息的完整、实时、开放和透明。

回答一开始的问题,“为什么捐了那么多东西,武汉医院还缺?”其实,做一个简单的数学计算便可得出结论。武汉各医院总体需求到底有多少?各地的捐助总量有多少?符合标准的总量又有多少?对比这两个简单的数据,是供不应求,还是供过于求,一目了然。如果总量上供过于求,但一线医院却同时告急,就说明在物资分配、发放环节有断裂。但完成这个简单的计算需要必要的数据。

二、区块链+抗击疫情:以物资捐赠派发场景为例

在传统的技术工具箱中,可能很难主要依靠一种技术手段满足我们对数据和信息的全部要求。于是,相当长一段时间,深度整合、开放、实时、共享这一期望大多停留在美丽的构想阶段,直到区块链技术进入了公共管理者的视野。

作为新生事物,区块链技术在世界范围内出现的时间不过11年。2008年10月31日,Sattoshi Nakamoto公开发表文章《比特币:一种点对点的电子现金系统》,首次提出运用区块链技术实现无中介现金直接交易的理念。

区块链技术可以有着丰富的应用场景,不同应用场景的应用方式和具体架构都不尽相同。区块链技术在公共管理领域的应用比较晚近,应用领域不断拓展。比如,区块链技术用于医保领域用于提高医疗数据存储的安全性;用于提高政府内部管理系统的效率;用于政务服务领域,实现快速审批、智慧政务等。

但万变不离其宗,这些应用都看中了区块链所具有的共享、透明、可追溯、防篡改、分布式的技术优势。

第一,破解“碎片化”难题:全景式数据整合。破解信息“碎片化”难题上,区块链可有效实现全流程、全部门数据整合,展现数据全貌、实现全程可溯。

以物资捐赠及发放为例,全流程指物资从捐赠方流向受赠方的全过程,包括物流、仓储、分发、派送等全过程信息,目前各个环节尚未实现有效整合。区块链技术支撑下,捐赠物资从进入物流系统的第一刻,就可以实现信息上链。物资从寄件方到收件方的流动信息类似我们熟悉的物流流程。上链信息可以十分详细,不仅包括物品名称、重量、寄件方、收件方、寄收件地址,还可包括货品型号、数量等详细信息。

但物流公司掌握的信息只包括物资从寄件人到收件人这个阶段,在突发公共卫生事件中,收件方不一定够是受赠方,有可能是慈善机构或社会组织等。比如此次疫情中,红会公开接受社会各界捐助,然后再行派发。因此即便物资完成物流过程,到达收件方,并不代表物资到达受赠方。

区块链技术支撑下,如果收件人是代收机构,完成物流阶段后的物资信息将被继续记录。物资进入代收机构的具体货品详情、进入时间、调取时间、调取对象,被代收机构派往受赠人的过程都将被记录。

在区块链的助力下,不论物资从捐赠人到受赠人之间经过多少环节,都可被记录。这将有效解决物资流向信息在不同环节之间产生信息断裂的问题。捐赠物资处于什么环节、是否及时发放、卡顿在哪里,一清二楚,不会有任何一个环节处于黑箱。

全部门指物资捐赠及派发涉及的所有部门,包括物流、政府部门、慈善机构、派送渠道等。部门整合的重要程度无疑更高,难度也更大。如果涉及部门的数据不能整合在一起,则势必不能展现物资调配的全景信息。物流运送、政府与慈善机构共同负责发放、派送渠道负责递送到受赠方。最关键的是,这里的物流、政府部门、慈善机构、派送渠道并非各自只有一个部门,而是大量、多点、弥散的,包括所有参与运输物资的物流公司、多个政府相关部门、可能多个慈善机构、多重派送渠道。区块链技术可以实现多领域、多部门的数据同时上链,实现信息的全景式整合。

第二,数据可信,全程可溯,无法篡改。可信度上,区块链技术通过多方参与解决信用机制问题。分布式存储可实现上链数据的多点存储,不会出现单一节点被攻破或篡改,整体数据丢失的问题。基于区块内的数据结构,任何区块内的数据被修改,都会使得此区块内的下层与上层哈希值无法对应。此外,每个删除动作都会产生新增数据。也就是说,链上的任何读写、删除、调取等活动都会留痕。在这个意义上,区块链技术可实现应急物资流向数据的不可篡改。

第三,机构身份透明、数据透明、全社会开放可查。涉及物资捐赠与发放的所有机构和部门都在链上,且身份透明,相关机构做出的与物资捐赠和发放的活动信息都会上链,全程留痕。也就是说,所有参与者的信息和数据自上链的第一刻起就公开透明,不可篡改,多点存储。

因为链上机构身份透明,所以主体责任清晰。谁的数据,谁的信息,谁负主体责任。这使得数据来源部门破坏诚信的成本十分高昂,因为一旦破坏诚信,在数据源头上做手脚,等于自曝丑行,全社会都可以追溯到最初的错误源头在哪里。这也会倒逼数据来源部门自觉守信,尊重诚信机制。

捐赠物资的物流信息、总量信息、调配情况、分发情况都全程记录和公开,不是任何一个机构可以左右、篡改的。所以在区块链技术的助力下,哪个环节断裂了,都可以在全网看实时看到。

更为重要的是,在区块链的助力下,捐赠物资链可以向社会开放。开放性体现在任何人都可以获得用户身份,随时查阅链上信息,真正实现将数据晒在阳光下,接受所有公众的监督和检阅。

三、区块链+公共卫生危机管理:一个概念性技术框架

ब्लॉकचेन को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है: पब्लिक चेन, प्राइवेट चेन और कंसोर्टियम चेन। पब्लिक चेन की सबसे बड़ी खासियत इसका खुलापन और गुमनामी है, जहां कोई भी व्यक्ति नोड बनकर शामिल हो सकता है और चेन पर डेटा पढ़ व लिख सकता है। हमारी जानी-पहचानी बिटकॉइन (BTC) भी एक पब्लिक चेन पर ही आधारित है। हालांकि, पब्लिक चेन में कुछ कमियां भी हैं। यह ब्लॉक लेखांकन के अधिकार के लिए कंप्यूटेशनल पावर पर निर्भर करती है, जिससे ऊर्���ा की खपत अधिक होती है और दक्षता कम रहती है। साथ ही, नोड्स की गुमनामी और पहचान की अपारदर्शिता सार्वजनिक प्रबंधन के कई मामलों में नुकसानदायक साबित हो सकती है। वहीं, प्राइवेट चेन पूरी तरह से बंद होती हैं, इसलिए वे सार्वजनिक प्रबंधन की जरूरतों के अनुरूप नहीं होतीं।

इसके विपरीत, कंसोर्टियम चेन की आंशिक रूप से खुली प्रकृति सार्वजनिक प्रबंधन के लिए ज्यादा उपयुक्त है, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट प्रबंधन जैसे दृश्य भी शामिल हैं। यह आंशिक खुलापन इस तथ्य में दिखता है कि चेन पर नोड्स की संख्या सीमित होती है और उनकी पहचान पारदर्शी होती है। इसका मतलब यह है कि हर कोई डेटा पढ़ने या लिखने का अधिकार नहीं रखता।

उदाहरण के तौर पर, सामग्री दान और वितरण के मामले में, ब्लॉकचेन-आधारित आर्किटेक्चर को दो तरीकों से तैनात किया जा सकता है:

पहला तरीका है एक समर्पित चेन बनाना। इसमें सामग्री दान और वितरण से जुड़ी सभी संस्थाओं को एक ही चेन पर रखा जाता है और हर संस्था के भीतर कई नोड्स तैनात किए जाते हैं, जिससे एक कंसोर्टियम चेन बनती है। हाला���कि, इससे संकट के बाद इस समर्पित चेन के उपयोग के दायरे में सीमाएं आ सकती हैं।

दूसरा तरीका संस्थाओं के प्रकार के आधार पर अलग-अलग चेन बनाना है, जैसे कि लॉजिस्टिक्स, सरकारी विभाग, दान संस्थाएं और वितरण चैनलों के लिए। इससे एक क्रॉस-चेन नेटवर्क बनता है। यह तरीका चेन के भीतर संगठन और सहयोग को आसान बनाता है और संकट के बाद हर चेन का इस्तेमाल अन्य रोजमर्रा के कामों के लिए भी किया जा सकता है। हालांकि, क्रॉस-चेन डेटा साझाकरण के लिए एक अलग तंत्र बनाने में कुछ निवेश की जरूरत होती है। किस मॉडल को चुनना है, इस पर और चर्चा और विश्लेषण की आवश्यकता होगी।

उपयोगकर्ता अधिकारों की बात करें तो, अगर एक ही चेन और नेटवर्क है तो केंद्रीय नोड को सरकारी विभागों में तैनात किया जा सकता है, जिससे समन्वय और समग्र प्रबंधन आसान हो जाता है। अगर यह एक क्रॉस-चेन नेटवर्क है, तो हर चेन के भीतर की संस्थाओं को केंद्रीय नोड चुना जा सकता है। पढ़ने-लिखने के अधिकारों के मामले में, चेन से जुड़ी संस्थाओं को पढ़ने और लिखने दोनों का अधिकार होगा, ताकि वे अपने संबंधित दान और वितरण के डेटा को चेन पर दर्ज कर सकें या पढ़ सकें। आम जनता को सिर्फ पढ़ने का अधिकार होगा, लिखने का नहीं। इससे वे डेटा को आजादी से देख सकते हैं और पूरी प्रक्रिया पर नजर रख सकते हैं। ये अधिकार स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए तय किए जा सकते हैं। इस तरह, संसाधनों के व्यवस्थित इस्तेमाल के साथ-साथ ब्लॉकचेन के तकनीकी फायदों का लाभ उठाते हुए, डेटा को सार्वजनिक रूप से खोलने का मकसद भी पूरा हो सकता है। आम लोगों के बार-बार पूछताछ करने से सिस्टम पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव और क्रैश होने की आशंका को एक्सेस नोड्स तैनात करके या सोशल नोड���स जैसी तकनीकी तरीकों से प्रभावी ढंग से हल किया जा सकता है।

इस क्षेत्र में ऐसे ही अनुप्रयोगों के लिए चीन में कुछ शुरुआती उदाहरण पहले से मौजूद हैं। मिसाल के तौर पर, चोंगकिंग शहर के यूझ़ोंग जिले ने कृषि उत्पादों की ट्रेसबिलिटी के लिए ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल किया है, जिससे 'फार्म से टेबल' तक का एक पारदर्शी समाधान बना है और हर चरण सत्यापन योग्य हो गया है। दान की सामग्री के वितरण को ट्रैक करने के लिए ब्लॉकचेन के इस्तेमाल का सिद्धांत भी कुछ ऐसा ही है, लेकिन इसे उपयोग के दृश्य की खास जरूरतों के मुताबिक जरूरी बदलावों के साथ लागू किया जाना चाहिए।

चार: महामारी नियंत्रण में ब्लॉकचेन के अन्य संभावित उपयोग

सामग्री दान और वितरण तो सिर्फ एक उदाहरण है। महामारी नियंत्रण में ब्लॉकचेन की मदद और भी कई तरह से ली जा सकती है।

उदाहरण के लिए, अस्पताल के बिस्तरों के प्रबंधन में। हर अस्पताल में कुल बिस्तरों की संख्या, इस्तेमाल में लगे बिस्तर और खाली बिस्तरों की जानकारी को सभी स्तर के अस्पताल पढ़ और अपडेट कर सकेंगे। यह डेटा मरीजों के भर्ती होने और छुट्टी मिलने की प्रक्रिया के साथ-साथ वास्तविक समय में चेन पर अपडेट होता रहेगा। बड़े अस्पताल ऑनलाइन कतार की सुविधा भी शुरू कर सकते हैं और इसकी जानकारी चेन पर डाल सकते हैं। इससे आम लोग न सिर्फ हर अस्पताल में खाली बिस्तरों की दर देख सकेंगे, बल्कि कतार की स्थिति भी जान सकेंगे और अपने इलाज की रणनीति समय रहते बना सकेंगे। इस तरह, सभी अस्पतालों के बिस्तरों के इस्तेमाल की हालत एक ही प्लेटफॉर्म पर एकत्रित होगी, जिससे न सिर्फ लोगों को सही जानकारी मिलेगी, बल्कि मरीजों को सही दिशा भी मिलेगी। ���ससे अनावश्यक भीड़ कम होगी और संदिग्ध मामलों के फैलाव पर भी लगाम लगेगी। साथ ही, सरकार के सभी स्तरों को भी मोर्चे की ताजा स्थिति की वास्तविक समय में जानकारी मिलती रहेगी।

एक और उदाहरण है सामग्री की खपत का प्रबंधन। मोर्चे पर तैनात अस्पतालों को रोजाना भारी मात्रा में सामग्री की जरूरत पड़ती है। स्टॉक और खपत की मात्रा का प्रबंधन, मांग को समझने और भविष्यवाणी करने के लिए बेहद अहम है। हाल की कई खबरों में देखा गया है कि वुहान के मोर्चे के अस्पतालों के अलग-अलग विभाग रोजाना जरूरी सामग्री की मात्रा का अनुमान लगाकर तय कर रहे हैं। यह आंकड़े जुटाने का एक पुराना तरीका है, जिसमें सटीक डेटा की कमी रहती है और सूक्ष्म प्रबंधन मुश्किल हो जाता है। ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल सामग्री की खपत के प्रबंधन के लिए किया जा सकता है। सामग्री के स्टॉक में आने और उसके वितरण की मात्रा के आधार पर चेन पर जानकारी एकत्रित करके, सामग्री की खपत की समग्र तस्वीर समझी जा सकती है। अगर किसी इलाके के सभी अस्पताल एक कंसोर्टियम चेन में शामिल हो जाएं, तो यह नीति निर्धारकों को समग्र जानकारी देने के लिए सटीक डेटा मुहैया करा सकता है। यह सीमित संसाधनों के संतुलित और जरूरत के मुताबिक वितरण को सुनिश्चित करने के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

शायद लोगों के मन में यह सवाल हो कि महामारी के दौरान पहले से ही लड़ाई और नियंत्रण के कामों में भारी संसाधन लगे हुए हैं, तो क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य संसाधनों के एकीकृत नेटवर्क के निर्माण के लिए अलग से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को चेन पर डेटा अपलोड करने और रखरखाव के कामों में लगाने की जरूरत पड़ेगी? असल में, ब्लॉकचेन को मौजूदा प्रणालियों के साथ आसानी से एकीकृत किया जा सकता है। इससे अन्य जरूरी काम करते हुए भी डेटा को चेन पर अपलोड करना संभव हो जाता है।

महामारी के सामने सभी की यही चाहत है कि इसे जल्द से जल्द पार किया जाए और नुकसान को कम से कम रखा जाए। डेटा एकत्र करने के पुराने तरीके, डेटा के समय पर अपडेट न होने की समस्या और सामग्री वितरण में प्रभावी कार्यान्वयन की कमी जैसी मौजूदा चुनौतियां दर्शाती हैं कि प्रशासन को और शक्तिशाली तकनीकी उपकरणों की जरूरत है। बेशक, हर नई तकनीक और हर नए तरीके की अपनी एक विशिष्ट उपयोगिता होती है। न तो इसे नजरअंदाज किया जाना चाहिए और न ही इसका अतिरंजित प्रचार होना चाहिए। साथ ही, तकनीकी उपायों के अपडेशन से गहरे संरचनात्मक सुधारों की जगह नहीं ली जा सकती। तकनीक का सही इस्तेमाल ही उसकी असली ताकत को सामने ला सकता है।